सिंहिकागर्भसंभूत दानवेन्द्र राहु और महाबली मृत्युपुत्र केतु- ये तीनो बड़े भयानक एवं मारक ग्रह है l जिस व्यक्ति पर इनकी कोप - दृष्टि पड़ती है
जन्म से लेकर एक सौ बीस वर्ष तक
many remedial measures are given to overcome inimical effects of planets
ठीक उसी प्रकार जन्मपत्री का इस प्रकार वर्णनं करने की विधि (गूढ़लिपि को पढ़ना ) से जातक के जीवन में होने वाली घटनाओ के चित्रण को मष्तिक में उतारा जा सकता है I जितना ज्ञान व् अनुभव होगा उतना जातक के जीवन में होने वाली घटनाओ का स्पष्ट चित्र जन्मपत्री को पढ़कर जाना और समझा जा सकता है I वास्तव में 'डेलिनियेशन' का अर्थ बाल की खाल उधेड़ना है I यह भी कहा जा सकता है कि-
Dattatrey Tantra [Hindi] Shanti ke Saat Swarnim Sutra [Hindi] सिंहिकागर्भसंभूत दानवेन्द्र राहु और महाबलीAuthor Yogiraj Yashpal Ji ' ' l ' ' , , ( , , , , ), (, , , ), , , , , I I I I